| गोरक्ष के हैं बहुत अनोखे फायदे |
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गोरक्ष (गोरखी) के फायदे, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः
अपच में गोरक्ष के सेवन से लाभ बदहजमी या अपच होने पर गोरक्ष (गोरखी) के औषधीय गुण से लाभ मिलता है। गोरक्ष के तने की छाल का काढ़ा बना लें। इसे 10-15 मिली मात्रा में पिलाने से बदहजमी में लाभ होता है। पथरी की बीमारी में गोरक्ष के सेवन से लाभ गोरक्ष (गोरखी) की जड़ को कांजी आदि खट्टे द्रव्य के साथ पीस लें। इसका सेवन करें। इससे पथरी की बीमारी के कारण होने वाला दर्द ठीक होता है। गोरक्ष के औषधीय गुण से गठिया का इलाज गोरखी (गोरक्ष) के फायदे से गठिया के दर्द से आराम मिलता है। गोरखी या तिकोली के बीज के तेल से मालिश करने से गठिया, और गठिया के कारण होने वाला दर्द और सूजन में लाभ मिलता है। जोड़ों के दर्द और सूजन में गोरक्ष के फायदे आप तिलोकी (गोरखी या गोरक्ष) के औषधीय गुण से जोड़ों के दर्द को ठीक कर सकते हैं। गोरखी की पत्तियों को पीस लें। इसे गुनगुना करके जोड़ों में बांधने से जोड़ों का दर्द और सूजन ठीक होता है। गोरक्ष के औषधीय गुण से घाव का इलाज घाव और घाव से साथ सूजन होने पर आप गोरखी से लाभ ले सकते हैं। गोरक्ष के पत्तों को पीसकर घाव वाले स्थान पर लगाएं। इससे घाव और सूजन में लाभ होता है। सूजन के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गोरक्ष गोरक्ष के बीज तेल या पत्तियों को पीसकर लगाने से पूरे शरीर की सूजन ठीक होती है। उपाय करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर मिलें। बुखार में गोरक्ष के फायदे बुखार एक आम बीमारी है। इसके लिए गोरक्ष और विकंकत की छाल का काढ़ा बना लें। इस काढ़ा को जल में मिला लें। इससे स्नान करने से बुखार में लाभ होता है। बेहतर लाभ के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें। गोरक्ष (गोरखी) के उपयोगी भाग गोरक्ष के इन भागों का इस्तेमाल किया जाता हैः- पंचांग, बीज का तेल, छाल |