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सेहत के लिए कमाल का है तिनिश

पेट से जुड़े रोगों के अलावा तिनिश त्वचा संबंधी रोगों के इलाज में भी कारगर है. आइये आगे विस्तार से जानते हैं कि विभिन्न बीमारियों में तिनिश का उपयोग कैसे करना चाहिए.


दस्त और पेचिश के इलाज में फायदेमंद है तिनिश
अगर आप दस्त या पेचिश (एमएल के साथ खून आने) की समस्या से परेशान हैं तो आप निम्न तरीकों से तिनिश का उपयोग कर सकते हैं. प्रियाल, सेमल, प्लक्ष, शल्लकी और तिनिश के (1-2 ग्राम) पेस्ट में बकरी का दूध और शहद मिलाकर सेवन करने से पेचिश में लाभ मिलता है। 2-3 ग्राम तिनिश की छाल के चूर्ण का सेवन करने से दस्त और पेचिश में लाभ होता है। 1 ग्राम तिनिश गोंद का चूर्ण बनाकर खाने से दस्त में लाभ होता है। तिनिश की गोंद (1 ग्राम) में बराबर मात्रा में सोंठ और मिश्री मिलाकर खाने से दस्त में में लाभ होता है।

पेशाब के दौरान दर्द की समस्या से राहत दिलाता है तिनिश
अगर आपको पेशाब करते समय दर्द महसूस होता है तो इस समस्या से निजात पाने के लिए आप तिनिश का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए 10-20 मिली तिनिश के काढ़े का सेवन करें। इससे पेशाब के दौरान दर्द की समस्या में लाभ मिलता है.

डायबिटीज के नियंत्रण में लाभदायक है तिनिश
डायबिटीज के मरीजों के लिए तिनिश बहुत फायदेमंद है. इसके लिए आप तिनिश की छाल का काढ़ा बनाकर 10-20 मिली की मात्रा में पिएं। इससे डायबिटीज में फायदा मिलता है.

कुष्ठ रोग के इलाज में सहायक है तिनिश
तिनिश की छाल का काढ़ा बनाएं. उस काढ़े से नहाएं और प्रभावित जगह पर उसका लेप करें. इसके प्रयोग से कुष्ठ रोग में बहुत फायदा मिलता है।

घाव को जल्दी ठीक करता है तिनिश
त्वचा पर घाव होना एक आम समस्या है. अगर आपकी त्वचा पर भी कहीं घाव हुआ है तो तिनिश की छाल का काढ़ा बनाकर उस घाव को धोएं. इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

खुजली से छुटकारा पाने के लिए करें तिनिश का उपयोग
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि खुजली दूर करने में तिनिश बहुत ही उपयोगी है. इसके लिए तिनिश की छाल का पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को खुजली वाली जगह पर लगाएं. कुछ ही दिनों में खुजली ठीक हो जाती है।

टॉनिक की तरह काम करता है तिनिश
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार तिनिश में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो आपको लम्बे समय तक निरोग रखने में मदद करते हैं. इससे तैयार रसायन का उपयोग करने से शरीर स्वस्थ रहता है. इसके लिए एक साल तक 5 ग्राम तिनिश की छाल के पेस्ट या रस को दूध के साथ सुबह शाम पिएं या इसमें घी और शहद मिलाकर चाटें. इसके साथ में भोजन के रूप में दूध और चावल का सेवन करें.

बुखार से आराम दिलाता है तिनिश
अगर आप बुखार से परेशान हैं तो घरेलू इलाज के रूप में तिनिश का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए तिनिश की छाल का काढ़ा बनाएं और 5-10 मिली की मात्रा में इसका सेवन करें।

तिनिश के उपयोगी भाग
आयुर्वेद में तिनिश के निम्न भागों को सेहत के लिए उपयोगी बताया गया है.
तने की छाल , गोंद