| गुलब्बास (कृष्णकली) दूर करे कई बीमारियां |
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गुलब्बास के बारे में जानने के बाद चलिये अब जानते हैं कि गुलब्बास कैसे और किन-किन बीमारियों के लिए फायदेमंद है।
यौनशक्ति बढ़ाने में गुलब्बास का औषधीय गुण फायदेमंद आजकल तनाव और भाग-दौड़ भरी जिंदगी का सबसे ज्यादा असर सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है इसलिए कम उम्र में ही आज के युवा से लेकर वयस्क सब शारीरिक कमजोरी की समस्या से जूझने लगते है। इस समस्या से राहत पाने के लिए गुलब्बास एक बेहतर उपाय है क्योंकि इसमें वाजीकरण का गुण होता है जो कि शरीर की कमजोरी को दूर करके यौन शक्ति को बढ़ाती है। गुलब्बास के कन्द को कद्दूकस करके छाया में सुखा लें तथा पीसकर घी में भून लें। अब इसमें बादाम, पिस्ता, चिरौंजी आदि मेवा के महीन टुकड़े मिलाकर, शर्करा की चाशनी बनाकर सबको मिलाकर 2-3 ग्राम के मोदक बना लें, सुबह शाम 1-1 मोदक को खाकर गाय का दूध पीने से वाजीकारक गुणों की वृद्धि होती है। वीर्य रोग में गुलब्बास के फायदे आजकल के असंतुलित जीवनशैली का असर वीर्य पर भी पड़ता है जिसके कारण पुरूषों को वीर्य संबंधित रोग होते हैं। इसके फल तथा मूल में वीर्य को गाढ़ा करने का गुण होता है। पित्त संबंधी रोगों में गुलब्बास के फायदे गुलब्बास के पत्ते के रस का लेप करने से पित्त के कारण हुए जलन तथा खुजली में आराम मिलता है। कब्ज में गुलब्बास के फायदे कब्ज पेट संबंधी ऐसा रोग है जिससे सभी परेशान रहते हैं। कब्ज की वजह से जब शरीर में पित्त प्रकृति के कारण जलन होता है तथा शरीर में खुजली होने लगती है तो इसके पत्तों के रस की मालिश करने से लाभ होता है। खुजली में गुलब्बास के औषधीय गुण से लाभ किसी बीमारी के कारण, सनबर्न के वजह से या रूखे त्वचा के कारण भी खुजली की समस्या हो सकती है। गुलब्बास का औषधीय गुण खुजली से राहत दिलाने में मदद करते हैं। गुलब्बास पत्र-स्वरस को प्रभावित अंग पर लगाने से शीतपित्त से होने वाली कण्डु तथा घाव में लाभ होता है। डायबिटीज के घाव में गुलब्बास के औषधीय गुण से लाभ डायबिटीज होने पर कोई भी घाव होने पर सूखने का नाम नहीं लेता या इस बीमारी के चरम अवस्था में घाव होने की संभावना भी होती है। गुलब्बास कंद को पीसकर लगाने से प्रमेह पिड़िका (मधुमेह के कारण हुए घाव) में लाभ होता है। सिफलिस में कृष्णकली (गुलब्बास) के फायदे योनि में घाव होने पर गुलब्बास का औषधीय गुण जलन, दर्द और सूजन से आराम दिलाने में मदद करता है। गुलब्बास पत्ते के रस को उपदंशजन्य घाव पर लगाने से जलन, दर्द और सूजन से आराम दिलाने में मदद करता है। तिल्ली की सूजन में कृष्णकली (गुलब्बास) के फायदे गुलब्बास की जड़ को छीलकर 2 ग्राम की मात्रा में लेकर तवे पर भूनकर नमक व काली मिर्च मिलाकर खिलाने से प्लीहा शोथ (तिल्ली की सूजन) कम होता है। फोड़ा सूखाने में कृष्णकली (गुलब्बास) के औषधीय गुण से लाभ गुलब्बास के पत्तों को पीसकर गुनगुना करके बांधने से गांठे और फोड़े जल्दी पकते हैं और फटकर सूख जाते हैं। सूजन में कृष्णकली (गुलब्बास) के औषधीय गुण से लाभ अगर शरीर के किसी अंग का सूजन कम नहीं हो रहा है तो गुलब्बास का घरेलू इलाज लाभकारी होता है। गुलब्बास की जड़ को पीसकर लेप लगाने से चोट के कारण उत्पन्न सूजन ठीक हो जाती है। मोच के दर्द में कृष्णकली (गुलब्बास) से लाभ गुलब्बास के पत्तों को पीसकर लगाने से मोच में लाभ होता है। पाइल्स में कृष्णकली (गुलब्बास) के फायदे अगर ज्यादा मसालेदार, तीखा खाने के आदि है तो पाइल्स के बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। उसमें गुलब्बास का घरेलू उपाय बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। |